Sep 05

शायद अकेला था वो- Shayad Akela Tha Wo

खुद की परछाईं देख कर डर गया वो शायद अकेला रहता होगा   Khud ki parchhai dekh kar  Dar gaya wo Shayad Akela rahta hoga

Aug 09

Raat ka Chaand | रात का चाँद

सुबह तक ओस बनके, पत्तों पे बिछ गया है जो नहा के चाँद वो दरिया से बाहर निकल था सूरज ने सुखा दिया बेरहम हो कर हिम्मत करके, वो आज फिर वहीँ से निकलेगा Subah tak OS banke, patton pe bichh gaya hae jo Naha ke CHAND wo dariya se baahar nikla tha SURAJ ne sukha…

Jul 30

बदले नहीं हैं दिल से | Badle Nahin Hain Dil Se

बदले नहीं हैं दिल से कोई बता दे उनको जा कर बस अंदाज़-ए-बयां है बदला ज़माने को देख कर   Badle nahin hain Dil se Koi bata de unko ja kar Bas andaz-e-bayan hae badla Zamane ko dekh kar  

Jul 24

Thodi der – थोड़ी देर

लफ़्ज़ों को रख के परे चलो आगोश में बैठें थोड़ी देर यूँ ही निकल न जाये ये भी लम्हा थाम के बैठें थोड़ी देर बहती सी जा रही ज़िन्दगी इसे जी के देखें थोड़ी देर Lafzon ko rakh ke pare, Chalo aagosh mein baiden thodi der Yun hi nikal na jaye ye bhi, Lamha thaam…

Jul 02

वो पूंछते रहे कीमत हमारी | Wo Poonchte Rahe Kimat Humari

Wo poonchte rahe kimat humari, Aur hum, Bina naape hi baant aye zindagi apni Wo karte rahe zikr mahfilon mein, Aur hum, Firk mein hi bita gaye zindagi apni वो पूंछते रहे कीमत हमारी और हम, बिना नापे ही बांट आए ज़िंदगी अपनी वो करते रहे ज़िक्र महफिलों में, और हम, फिक्र में ही बिता…

Jun 13

कुछ ऐसी हो ज़िन्दगी- kuchh Aesi Ho Zindagi

काट दे ज़मीन भी समंदर से मिलने को नदी की उस दीवानगी के जैसी हो ज़िन्दगी भटकी हुई घटा जो पर्वत से जा मिले फिर बरसे बेतहासा, कुछ ऐसी हो ज़िन्दगी दम भर के फड़फड़ा दो जो पर बंधे हुए उड़ जाओ आसमानों में छूने को ज़िन्दगी Kaat de zamin bhi, samundar se milne ko…

May 25

शिल्पी के लिए | For Shilpi

  For Shilpi, on reaching 100K youtube subscriber milestone  हर पल जिसको सींचा तुमने , उस पेड़ पे कलियाँ खिल रहीं हैं हाथ बढ़ा के छू के देखो, ख्वाबो को सूरत मिल रही है     सपने अपने साथ में रखना दूर तलक तुम्हे जाना है और उठा लेना उन सबको जो राह में खुशियां मिल…

May 14

Mele mein – मेले में

    कल जो बैठा खुद के साथ, और बातें की अकेले में वो मिल ही गया ज़माने बाद, जो खो गया था मेले में   Kal jo baitha khud ke sath aur baten ki akele mein Wo mil hi gaya zamane baad Jo kho gaya tha mele mein  

Feb 24

Lathi ka Aarakshan- लाठी का आरक्षण

थमा के लाठी बच्चों को वो कहते हैं आरक्षण दो जो गर थमा देते कलम तो आज वो पिछड़े न होते कावीलियत की चाह पे जो चले होते वो दो कदम तरक्की मिलती खुद-व-खुद यूँ ट्रैक पे न खड़े होते       Thamaa ke lathi bachho ko, wo kahate hein aarakchhan do Jo gar…

Nov 24

Tere Liye Bana Yeh Chhan – तेरे लिए बना ये छन

एक नयी सुबह, एक नया दिन सिरहन जगाती, पहली किरन ओस की बूँद से भीगा तन, तन को छू के जाती पवन धीमे धीमे घुलता मन सांस सांस पिघलता बदन हलकी हलकी पत्तों की कंपन गा रही संग दिल की धड़कन सांसों को सांसों से मिला के, छु के मेरा अंग अंग कानों में कह…

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